सेकेंड हैंड फोन चोरी का है या नहीं चेक करें | संचार साथी पोर्टल IMEI वेरिफिकेशन 2026 | Sanchar Saathi KYM
आजकल स्मार्टफोन हर किसी की जरूरत बन चुका है, लेकिन नया फोन महंगा पड़ता है। इसलिए ज्यादातर लोग सेकेंड-हैंड या रिफर्बिश्ड फोन खरीदने की सोचते हैं। लेकिन खतरा यह है कि अगर फोन चोरी का या ब्लैकलिस्टेड निकला, तो आप अनजाने में अपराध में शामिल हो सकते हैं। खरीदार को कानूनी परेशानी और आर्थिक नुकसान दोनों हो सकता है।
भारत सरकार के संचार साथी पोर्टल (Sanchar Saathi) की मदद से आप आसानी से चेक कर सकते हैं कि फोन चोरी का है या नहीं, IMEI वैलिड है या फेक/क्लोन/ब्लॉक। यह CEIR (Central Equipment Identity Register) पर आधारित है, जो चोरी या गुम फोन को ब्लॉक करता है।
सेकेंड-हैंड फोन चोरी का है या नहीं, ऐसे चेक करें
सबसे पहले फोन का IMEI नंबर पता करें:
- फोन में Settings > About Phone जाएं, वहां IMEI (Slot 1 और Slot 2) दिखेगा।
- या डायलर में ** *#06# ** डायल करें – IMEI स्क्रीन पर आ जाएगा।
अब संचार साथी पोर्टल पर वेरिफाई करें (वेबसाइट: https://sancharsaathi.gov.in/ या Sanchar Saathi ऐप डाउनलोड करें):
- पोर्टल पर जाएं और Citizen Centric Services सेक्शन में Know Your Mobile (KYM) / IMEI Verification चुनें।
- कैप्चा भरें, अपना मोबाइल नंबर डालें और OTP वेरिफाई करें।
- फोन का 15 अंकों वाला IMEI नंबर एंटर करें।
- सबमिट करने पर स्टेटस दिखेगा – जैसे "Genuine", "Valid", "Duplicate", "Blacklisted" या "Invalid"।
- अगर स्टेटस Genuine/Valid है → फोन सुरक्षित और ओरिजिनल लगता है।
- अगर Blacklisted/Blocked/Invalid/Duplicate दिखे → यह चोरी का, गुम या फेक IMEI वाला फोन हो सकता है। ऐसे फोन बिल्कुल न खरीदें!
ऑफलाइन तरीका: SMS से भी चेक कर सकते हैं – KYM <15-digit IMEI> टाइप करके 14422 पर भेजें। रिप्लाई में फोन की जेनुइनिटी बताई जाएगी।
अतिरिक्त टिप्स सेकेंड-हैंड फोन खरीदते समय
- हमेशा बिल, बॉक्स और वारंटी कार्ड चेक करें।
- फोन रीसेट करके चेक करें कि कोई पुराना अकाउंट लॉगिन तो नहीं।
- अगर संभव हो, तो सेलर के साथ पोर्टल पर लाइव चेक करें।
- चोरी रिपोर्ट करने या ब्लॉक करने के लिए भी यही पोर्टल इस्तेमाल होता है।
संचार साथी पोर्टल से लाखों फोन ट्रेस और रिकवर हो चुके हैं। सेकेंड-हैंड खरीदारी में यह टूल आपकी सबसे बड़ी सुरक्षा है। अगली बार फोन खरीदने से पहले जरूर चेक करें – एक छोटा सा स्टेप बड़ा नुकसान बचा सकता है!